कानपुर, जनवरी 7 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। मनरेगा के तहत बिल्हौर ब्लाक की सैबसू और रहीमपुर-करीमपुर ग्राम पंचायत में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा मिला था। इसमें दोषी मिले सचिव रोहन कनौजिया और रवि यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के दो माह बाद निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई। दोनों सचिव फरार चल रहे हैं। कार्रवाई की फाइल दबी हैं। दो माह पहले बिल्हौर ब्लाक की सैबसू ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों की जांच की गई थी। जिसमें करीब 20.58 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया था। कागजों पर काम दिखाकर मजदूरी और पक्के कार्य के नाम पर धनराशि निकाल ली थी। जिसमें बीडीओ, सचिव, प्रधान समेत करीब 14 लोग दोषी मिले थे। जिसमें डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सचिव, प्रधान, तकनीकि सहायक और लेखाकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। बीडीओ ने सभी के खिलाफ प्राथमि...