कन्नौज, अप्रैल 14 -- मनरेगा योजना इस समय गंभीर भुगतान संकट से जूझ रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि सामग्री मद में करीब 40 करोड़ रुपये बकाया पड़े हैं और ग्राम प्रधान से लेकर ठेकेदार व सप्लायर तक अपने ही पैसे के लिए भटकने को मजबूर हैं। गांवों में चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार थम गई है, क्योंकि जिन लोगों ने काम कराया या सामग्री दी, उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है।करीब 20 दिन पहले जिले में 8 करोड़ 67 लाख रुपये का भुगतान किया गया था, लेकिन यह राशि कुल बकाए के मुकाबले बहुत कम है। हकीकत यह है कि दो वित्तीय वर्षों का भारी भुगतान अब भी लंबित है। वित्त वर्ष 2024-25 का करीब 19 करोड़ 27 लाख रुपये और 2025-26 का लगभग 29 करोड़ 80 लाख रुपये अभी तक अटका हुआ है। लगातार बढ़ती इस बकाएदारी ने पूरी व्यवस्था डगमगा गई है। भुगतान में देरी का असर अब साफ तौर...