रुडकी, जनवरी 7 -- रुड़की। नारसन विकास खंड में आरटीआई कार्यकर्ता ने मनरेगा योजना के तहत करोड़ों रुपये की फर्जी बिलिंग और अवैध खनन सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत जीएसटी से की है। आरोप है कि एक ठेकेदार ने खुद और अपने सगे-सम्बंधियों के नाम से संचालित चार जीएसटी फर्मों के जरिए कागजों में भारी मात्रा में सामग्री सप्लाई दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। शिकायत मिलने के बाद राज्य कर विभाग (जीएसटी) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी, नारसन से संबंधित ठेकेदार और उसकी चारों फर्मों का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। आरोप है कि मनरेगा के कार्यों में जो सामग्री सप्लाई दिखाई गई है, वह वास्तविक नहीं है, बल्कि केवल बिलों में दर्शाई गई है।

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