गुमला, अप्रैल 2 -- रायडीह प्रतिनिधि। जल संरक्षण के लिए बनाए गए मनरेगा तालाब को ही अब मलबा डालकर खत्म करने का मामला सामने आया है। प्रखंड मुख्यालय स्थित बीडीओ सह सीओ आवास के सामने बने पुराने तालाब में इन दिनों डस्ट (मलबा) डालकर भराई का काम किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। यह तालाब पहले बरसात में लबालब भर जाता था और करीब छह महीने तक गांव के लोग, पशु-पक्षी और मवेशी इसके पानी का उपयोग करते थे। यहां पहले मछली पालन भी हो चुका है। लेकिन अब प्रखंड परिसर के जर्जर भवन को तोड़कर निकले मलबे से तालाब को भरा जा रहा है, जिससे जल संचयन की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां सरकार जल स्तर बढ़ाने और जल संरक्षण के लिए डोभा-तालाब जैसी योजनाएं चला रही है, वहीं पहले से बने तालाब को खत्म करना समझ से परे है। लोगों...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.