संतकबीरनगर, अप्रैल 21 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र में मनरेगा कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। एक भी ग्राम पंचायत में काम नहीं चल रहा है। जिससे हजारों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मजदूर शहर की ओर पलायन करने पर मजबूर हैं।सेमरियावां ब्लॉक की 113 ग्राम पंचायतों में पंजीकृत 29,781 मजदूरों में से 16,505 श्रमिक नियमित रूप से काम करने वाले हैं, लेकिन इस बार एक भी पत्रावली स्वीकृत न होने से सभी काम बंद पड़े हैं। अप्रैल, मई व जून के महीनों में आमतौर पर कच्चे कार्यों की भरमार रहती थी। यह भी पढ़ें- मजदूरी भुगतान की मांग को लेकर आप ने किया प्रदर्शन जिससे मजदूरों को लगातार रोजगार मिलता था। लेकिन इस बार हालात पूरी तरह उलट हैं। गांवों में मनरेगा पर निर्भर सैकड़ों परिवार काम के अ...
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