अल्मोड़ा, दिसम्बर 22 -- मनरेगा को खत्म करने पर सोमवार को वामपंदी दलों ने नाराजगी जताई। विरोध में भाकपा(माले) समेत विभिन्न संगठनों ने तहसील प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। विधेयक को रद्द करने की मांग की। ज्ञापन में सदस्यों ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा को बंद कर वीबी-जी राम जी विधेयक लाया गया है। यह विधेयक लाकर केंद्र सरकार ने अपनी मनमानी और एकाधिकार का परिचय दिया है। कहा कि विधेयक में कृषि कार्य के समय 60 दिनों तक काम बंद करने का निर्णय मजदूरों को कृषि कार्यों के वक्त उद्योगों में काम के लिए अधिक मजदूरी देने की बाध्यता को खत्म करता है। कहा कि देश के नागरिक संगठन, किसान, खेत मजदूर संगठन मनरेगा को कृषि से जोड़ने की मांग कर रहे थे, लेकिन मनरेगा का नाम और काम बदलकर लाया गया विधेयक देश के संघीय ढांचे पर हमला है। यहां भ...
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