सहारनपुर, फरवरी 17 -- भारतीय जनता पार्टी मनरेगा को कमजोर कर गरीबों की आजीविका और गरिमा पर आघात कर रही है। इस कानून में किए जा रहे बदलाव मजदूर विरोधी हैं और इससे सबसे गरीब तबके की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। जब तक मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में पूरी तरह बहाल नहीं किया जाता, तब तक यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी। सोमवार को गुरुद्वारा रोड स्थित कांग्रेस महानगर कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी ने कहा कि यूपीए-1 सरकार ने 20 वर्ष पूर्व महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लागू कर संविधान में निहित काम के अधिकार को साकार किया था। इस कानून के माध्यम से ग्राम पंचायतों को गांव स्तर की परियोजनाओं पर निर्णय लेने का अधिकार मिला और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूती मिली। कोविड-19 महा...