टिहरी, दिसम्बर 20 -- उत्तराखण्ड किसान सभा की टिहरी जिला कौंसिल ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल, 2025 (वीबी-जीरामजी बिल) को लोकसभा में पास कराने का विरोध करते हुए, प्रस्तावित बिल की प्रतियां जलाई। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आयोजित कार्यक्रम में किसान सभा नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित बिल मनरेगा के मूल स्वरूप को पूरी तरह से खत्म कर देता है, जो एक सार्वभौमिक मांग आधारित कानून है तथा काम का सीमित अधिकार देता है। नया बिल कानूनी तौर पर केन्द्र सरकार को मांग के अनुसार फंड आवंटित करने की अपनी जिम्मेदारी से मुक्त करता है। सरकार का गारंटीड रोजगार को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने का दावा सिर्फ दिखावा है। यह बिल जॉब कार्ड के युक्तिकरण के नाम पर ग्रामीण परिव...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.