देवरिया, मई 13 -- देवरिया, निज संवाददाता। मनरेगा के पक्के कार्य का 76 करोड़ बकाया है। इससे ग्राम प्रधान काफी परेशान हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 का बकाया है। भुगतान को ग्राम प्रधान परेशान हैं, क्योंकि कार्यकाल समाप्त होने वाला है। मैटेरियल सप्लाई करने वाले तगादा कर रहे हैं। भुगतान नहीं होने से ग्राम प्रधान मनरेगा का कार्य करने से कतरा रहे हैं और वर्तमान समय में महज 98 ग्राम पंचायतों में ही मनरेगा का कार्य चल रहा है। मनरेगा का नाम बदल कर वीबी ग्राम जी योजना कर दिया गया है। नई तकनीकों और नियमों की वजह मजदूरों का मिलना और ग्राम प्रधानों का कार्य कराना मुश्किल हो गया है। वीबी ग्राम जी अधिनियम लागू होने के चलते ग्राम पंचायतों द्वारा दो वित्तीय वर्ष में कराये गये पक्के कार्यो के भुगतान में पेंच फंस गया है। नई योजना के पूरी तरह से लागू न...