बदायूं, जनवरी 29 -- बदायूं, संवाददाता। गांव-गांव ग्रामीण मजदूरों को मनरेगा से कार्य तो दिया गया लेकिन हीला हवाली ज्यादा की गई। यह स्थिति एक नहीं लगभग सभी ब्लाकों की है। इसीलिए लगता है मनरेगा श्रमिकों के मानव दिवस का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। जिसकी वजह से श्रमिक परेशान हैं उनको काम नहीं मिला और अफसर इसलिए परेशान हैं कि अब समय कम बचा है और मानव दिवस का लक्ष्य चुनौती बना हुआ है। मानव दिवस का लक्ष्य कैसे पूरा किया जायेगा। जनपद की पांच तहसील क्षेत्रों के 1037 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य कराये जा रहे हैं। मनरेगा के तहत कार्यों की रफ्तार धीमी है। आज 29 जनवरी हो गई है महीने में दो दिन बचे हैं। इसके बाद इस वित्तीय वर्ष में सिर्फ दो महीने ही बचेंगे। अगर यही रफ्तार चलती रही तो मानव दिवस का लक्ष्य ही पूरा नहीं हो सकेगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 ...