सराईकेला, जून 6 -- सरायकेला। झारखंड राज्य के मनरेगा कर्मी तीन महीनों से लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। यह आंदोलन उन हजारों मनरेगा कर्मियों की पीड़ा और वर्षों की उपेक्षा का परिणाम है। जिन्होंने लगभग दो दशकों से ग्रामीण विकास एवं मनरेगा योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष शंकर सतपथी ने बयान जारी कर कहा कि हाल के दिनों में कुछ ऐसे वक्तव्य सामने आए हैं। जिनमें मनरेगा कर्मियों के आंदोलन को अनुचित बताने, आंदोलनरत कर्मियों की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास किया गया है। सतपथी ने कहा यह आंदोलन किसी सरकार के विरोध का आंदोलन नहीं है। यह भी पढ़ें- संवाद और समाधान की दिशा में आगे बढ़े सरकार, मनरेगा कर्मियों की पीड़ा को समझे-शंकर सतपथी यह सम्मानजनक सेवा शर्तों,...