पाकुड़, मार्च 11 -- झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले के लगभग 250 से ज्यादा मनरेगा कर्मी अपनी मानदेय और सेवा स्थायीकरण को लेकर सांकेतिक हड़ताल पर थे। बुधवार को हड़ताल के तीसरे दिन कर्मियों ने समाहरणालय द्वार पर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। कर्मियों का आरोप है कि पिछले 8 महीनों से उन्हें मानदेय नहीं मिला है, जिससे दुर्गा पूजा, दीपावली और होली जैसे त्योहार फीके रहे। वर्ष 2024 की हड़ताल के दौरान सरकार द्वारा दिए गए लिखित आश्वासनों और समझौतों को अब तक लागू नहीं किया गया है। कर्मियों ने सेवा स्थायीकरण, समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा की मांग की। उन्होंने बिना सुरक्षा के चेक पोस्ट और दंडाधिकारी जैसे कार्यों में ड्यूटी लगाए जाने पर भी आपत्ति जताई प्रदर्शनकारियों ने अपनी स्थिति की तुलना 'बंधुआ मजदूरों' से करते हुए कहा कि प्रशासन का ...