पाकुड़, मार्च 13 -- झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल का ग्रामीण विकास और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गहरा असर पड़ रहा है। जिला अध्यक्ष अजीत टुडू ने बताया कि मनरेगा कर्मियों में बीपीओ, जेई, और रोजगार सेवक के काम बंद करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली यह योजना पूरी तरह ठप हो सकती है। मनरेगा के तहत होने वाले नए कार्यों जैसे तालाब निर्माण, डोभा, बागवानी और मेढ़ बंदी की प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति रुक जाएगी। बिना जेई और रोजगार सेवक के नई योजनाएं जमीन पर नहीं उतर पाएंगी। मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने और मस्टर रोल निकालने का काम पूरी तरह डिजिटल होता है, जिसे रोजगार सेवक संभालते हैं। हड़ताल की वजह से यह प्रक्रिया रुक जाएगी, जिससे काम की मांग पूरी नहीं हो पाएगी। मनरेगा में मजदूरी का भु...
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