चाईबासा, मार्च 31 -- चाईबासा, संवाददाता। गांधी सम्मान बचाओ, मनरेगा बचाओ अभियान के तहत सोमवार को तांतनगर प्रखंड के काठभारी पंचायत में ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में ग्रामीण, मजदूर और अभियानकर्ताओं ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को केंद्र सरकार द्वारा खत्म किए जाने और उसके स्थान पर वीबी ग्राम जी (विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण) जैसे नाम से नई योजना लाए जाने का पुरजोर विरोध किया। बैठक में आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक दीनबंधु बोयपाई ने कहा कि मनरेगा एक कानूनी अधिकार था, जो ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करता था। इसे खत्म कर केवल नाम बदल देने या नई योजना लाने से मजदूरों की स्थिति में कोई सुधार नहीं होगा। यह बदलाव ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर हमला है और ...