संभल, जनवरी 6 -- जिले में मनरेगा अब जी-राम-जी यानी ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन के नाम से लागू होने जा रही है। दावा है कि नए कानून से गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, मजदूरी समय पर मिलेगी और काम के दिन 100 से बढ़ाकर 125 किए जाएंगे, लेकिन जमीनी हकीकत और पिछले अनुभव इन दावों पर कई सवाल खड़े करते हैं। मनरेगा के तहत जिले में 104521 सक्रिय जॉब कार्ड तो बने, लेकिन औसतन मजदूरों को 40 से 60 दिन ही काम मिल सका। मौजूदा सत्र में बहुत कम कुल 129 परिवार ऐसे रहे जिन्हें पूरे 100 दिन का रोजगार मिला। इसके अलावा 1136 परिवारों को 90 दिन और 859 परिवार ऐसे रहे जिनको 75 दिन का ही रोजगार मिल सका। समय पर काम न मिलने और मजदूरी भुगतान में देरी की शिकायतें भी आम रहीं। कई मामलों में मजदूरी महीनों बाद खाते में पहुंची, जिससे मजदूरों का भरोसा कमजोर हुआ। अब नए कान...