नई दिल्ली, अक्टूबर 1 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। किसी मनचले के डर से छात्रा की पढ़ाई छूट जाना बेहद चिंताजनक है। अदालत ने वजीराबाद इलाके में वर्ष 2024 में नाबालिग छात्रा का लगातार पीछा करने, अश्लील टिप्पणियां करने और आपराधिक धमकियां देने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए यह टिप्पणी की। तीस हजारी स्थित पॉक्सो अदालत में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राणा दीपक सिंह ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को बीएनएस और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने उसकी करीब दो साल की जेल अवधि को ही उसकी मुख्य सजा स्वीकार करते हुए उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया, जिसे कोर्ट में जमा कराने के बाद उसकी रिहाई के आदेश दिए गए। सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसकी मां ने बताया कि आरोपी की लगातार प्रताड़ना और खौफ के कारण 11वीं कक्षा की छात्रा को अपना ...