नई दिल्ली, अगस्त 4 -- मध्य प्रदेश में नौ साल बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एकेडमिक कैलेंडर जमा करते हुए बताया कि सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में सितंबर में चुनाव कराने का कार्यक्रम तय किया गया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रुशिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की पीठ ने सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग की ओर से दी गई जानकारी को रिकॉर्ड पर लिया और एक जनहित याचिका खारिज कर दी। याचिका में कहा गया था कि छात्रसंघ चुनाव के नाम पर छात्रों से फीस तो ली जाती है, लेकिन चुनाव नहीं कराए जाते। छात्र नेता अदनान अंसारी की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया कि राज्य के सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रसंघ बनाने की प्रक्रिया 2017 से रुकी हुई है, जिससे छात्रों का लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हो रहा ह...