नई दिल्ली, अक्टूबर 9 -- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा 2019 में बनाए गए उस कानून को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया, जिसके तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण को 27 प्रतिशत तक बढ़ाया गया था। साथ ही, कोर्ट ने राज्य में कोटे को वापस 14 प्रतिशत कर दिया। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति विनय सराफ की पीठ ने अपने 159 पन्नों के आदेश में राज्य की भर्ती एजेंसियों को यह भी निर्देश दिया कि वे उन 13 प्रतिशत पदों को तीन महीने में अनारक्षित श्रेणी से भरें, जिन्हें कोटे में बढ़ोतरी वाले कानून को चुनौती मिलने के बाद रोक दिया गया था। यह भी पढ़ें- MP में नहीं लागू होगा 27% OBC आरक्षण, हाई कोर्ट का बड़ा फैसला; होल्ड पदों की नौकरियों पर क्या आदेश? राज्य सरकार का पक्ष रखने वाले एडवोकेट जनरल प्रशां...