जामताड़ा, अक्टूबर 7 -- मध्यस्थता 3.0 के सफल संचालन को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण ने बुधवार को अपने प्रकोष्ठ में न्यायिक पदाधिकारियों के साथ बैठक की। यह भी पढ़ें- मध्यस्थता अभियान की समीक्षा, बढ़ाई जाएगी मध्यस्थों की संख्यामध्यस्थता की प्रक्रिया बैठक में मध्यस्थता 3.0 के तहत अधिक से अधिक मामलों को चिह्नित कर मध्यस्थता केंद्र भेजने और आपसी सहमति से मामलों का निष्पादन कराने पर विचार-विमर्श किया गया। मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से मामलों का निष्पादन त्वरित तरीके से होता है। इसकी प्रमुख विशेषता यह है कि पक्षकार स्वयं एक साथ बैठकर आपसी सहमति से विवाद का समाधान करने का प्रयास करते हैं। इससे समय और संसाधन दोनों की बचत होती है। यह भी पढ़ें- लोक अदालत से वाद समाप्त कर समय व पैसे की करें बच...