नई दिल्ली, अगस्त 18 -- सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पीठ मध्यस्थता से पहले रकम जमा कराने पर सुनवाई करेगी। यह मामला बड़ी पीठ को सौंप दिया है। इसमें कहा गया कि क्या किसी ठेकेदार को अपना विवाद मध्यस्थता के लिए ले जाने से पहले दावे की रकम का कुछ हिस्सा जमा करना जरूरी है। न्यायमूर्ति मनमोहन और मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि ऐसी शर्त से लोगों के लिए मध्यस्थता का रास्ता मुश्किल हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति को अपना दावा रखने से पहले बड़ी रकम जमा करनी पड़ेगी, तो वह अपना दावा करने से पीछे हट सकता है। इससे विवादों को अदालत के बाहर सुलझाने की व्यवस्था का उद्देश्य भी प्रभावित हो सकता है। कोर्ट ने मामले को बड़ी पीठ के गठन के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया।यह मामला संतोष एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड और हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपम...