नई दिल्ली, मई 7 -- कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को वेस्ट बंगाल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डब्ल्यूबीआईडीसी) की एक अर्जी खारिज कर दी। अर्जी में सिंगूर विवाद में, टाटा मोटर्स के पक्ष में दिए गए मध्यस्थता निर्णय पर बिना शर्त रोक लगाने की मांग की गई थी। जस्टिस अनिरुद्ध रॉय ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मध्यस्थता निर्णय के तहत मूलधन और ब्याज की पूरी रकम की गणना फैसले की तारीख (7 मई, 2026) तक करने के बाद, डब्ल्यूबीआईडीसी आठ हफ्तों में एक हलफनामा जमा करेगी। इस हलफनामे में उसे कोलकाता और अन्य जगहों पर अपनी अचल संपत्तियों का ब्योरा और उनके मालिकाना हक वाले दस्तावेजों की प्रतियां भी देनी होगी। यह भी पढ़ें- माध्यमिक आचार्य नियुक्ति की पुनर्परीक्षा पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार इसके अलावा हलफनामे में साफ लिखा होना चाहिए कि अगर मध्यस्थता...
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