वाराणसी, सितम्बर 29 -- वाराणसी। पितृपक्ष की द्वितीया तिथि पर सोमवार को काशी में गंगा तट से पिशाचमोचन तीर्थ तक पिंडदानियों का हुजूम उमड़ पड़ा। दोनों ही स्थानों पर सूर्योदय के साथ ही श्राद्ध के कर्मकांड आरंभ हो गए। मध्यप्रदेश से आए दस हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने पिशाचमोचन तीर्थ पर सुबह से शाम तक चार पालियों में पिंडदान किया। पिशाचमोचन कुंड के मुख्य परिसर से घाट की सीढ़ियों तक जिधर भी नजर गई कतारबद्ध लोग ही नजर आ रहे थे। परिवार के पुरुष सदस्य मंत्रोच्चार के साथ विधान पूर्णकर रहे थे तो महिलाएं उनके सहयोग में लगी रहीं। तीर्थ पुरोहितों ने भीड़ को देखते हुए काशी के अन्य तीर्थों से कर्मकांड कराने वाले शास्त्रियों को बुला लिया था। विशेष परिस्थितियों में दिवंगत हुए लोगों के निमित्त अश्वदान का विधान सुबह छह से आठ बजे के बीच पूरा किया गया। बहुत से...