रुडकी, मार्च 10 -- लक्सर, संवाददाता। रमजान का पाक महीना चल रहा है। लेकिन इसमें मधुमेह रोगियों के लिए रोजा किसी इम्तेहान से कम नहीं है। चिकित्सकों की सलाह है कि मधुमेह रोगी रोजे में विशेष ध्यान रखें। रोजेदार को चाहिए कि वह खानपान से लेकर दवा का खानपान चिकित्सक की सलाह पर ही तय करें। लक्सर सीएचसी प्रभारी डॉ सैयद रफी अहमद कहते हैं कि डायबिटीज रोगी रोजे में दिन में नहीं खाते वे नमाज के बाद ही कुछ खाते हैं,इसलिए उन्हें दवाई लेने का क्रम बदलना चाहिए। ऐसे रोजेदार रात में अफ्तार के बाद व सुबह में सहरी खाने के बाद ही अपनी दवा लें।

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