मोतिहारी, मार्च 2 -- मधुबन, निसं। लोग रंगो में डूबने लगे हैं। हर चौक-चौराहे पर होली के गीत बजने लगे हैं। बसंती हवा के सिसकने के साथ इस क्षेत्र में होली की भीनी-भीनी सुगंध बिखरने लगी है। होली की मादकता में लोग गोते लगाना शरू कर दिए हैं। डफा, झील, ढोल आदि लेकर फाल्गुन माह की रातों को होली की विभिन्न गीतों से रंगीन बना दिया गया है। इस क्षेत्र में होली मनाने की कुछ अलग परम्परा है। होलिका दहन के बाद होली की सुबह से लोग मिट्टी के घोल व धूल से होली खेलते हैं, जिसे धुरखेल कहा जाता है। उसके बाद दो बजे से लोग रंगों की होली खेलते हैं। संध्या में 4 बजे से लोग देर संध्या तक अबीर व गुलाल की होली खेलते हैं। पुरूष वर्ग अबीर गुलाल लेकर सड़कों पर एक-दूसरे को गुलाल लगाते हुए अन्य घरों में होली खेलने के लिए पहुंच जाते हैं। वहीं महिलाएं झुंड में रंगों की बाल्ट...