प्रयागराज, अप्रैल 30 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। प्रदेश के 588 मदरसों की जांच में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की भूमिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के दो न्यायाधीशों ने मत भिन्नता जताई है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन एवं न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया की याचिका में बताया गया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए प्रदेश के 588 मदरसों के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा को जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग के समक्ष की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ये मदरसे अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहे हैं, इनमें बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और शिक्षकों की भर्ती रिश्वत लेकर की गई है। इस पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने आर्थिक अपराध शाखा को जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश द...
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