मैनपुरी, अगस्त 8 -- बड़ा बाजार स्थित मदरसा दरसुल कुरआन में मसलक-ए-आला हजरत का सालाना उर्स अकीदत के साथ मनाया गया। कुल शरीफ की फातिहा में बड़ी संख्या में जायरीनों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत तिलावते कुरआन पाक से हुई। इसके बाद नात-ए-पाक की महफिल सजाई गई, जिसमें नातख्वां हाफिज आरिफ रजा ने आला हजरत की शान में एक से बढ़कर एक नात पेश कीं। जामा मस्जिद के इमाम मौलाना खालिद रजा नूरी ने आला हजरत इमाम अहमद रजा खान के जीवन, उनकी मजहबी खिदमात और इल्मी बुलंदियों पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि आला हजरत ने समाज को सही राह दिखाने, इल्म को बढ़ावा देने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने में अपना जीवन समर्पित कर दिया। फातिहा के बाद सभी अकीदतमंदों के लिए तबर्रुक का वितरण किया गया। जामा मस्जिद सदर मोहम्मद शकील उर्फ फूल मियां, हाफिज अदनान रजा, सैफ रजा, हाफिज का...