भागलपुर, मई 18 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। जिले में नीली क्रांति और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग (बिहार सरकार) ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिला मत्स्य पदाधिकारी सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी कार्यालय द्वारा दो प्रमुख मत्स्य बीज प्रक्षेत्रों की दीर्घकालीन बंदोबस्ती के लिए अल्पकालीन ई-निविदा संबंधित पत्र जारी किया गई है।​इस योजना के तहत जिले के दो क्षेत्रों का चयन किया गया है, जिन्हें 10 वर्षों के लिए पीपीपी मोड पर संचालित किया जाएगा। इनमें ​शाहकुंड स्थित बुढीकुंड मत्स्य बीज प्रक्षेत्र और नाथनगर स्थित कजरैली मत्स्य बीज प्रक्षेत्र शामिल हैं। ​विभागीय जानकारी के अनुसार, चयनित संवेदकों को इन प्रक्षेत्रों की जिम्मेदारी जून 2026 से मई 2036 तक यानी 10 वर्षोँ के लिए सौंपी जाएगी। यह भी पढ़ें- PET वालों के...