धनबाद, जून 18 -- धनबाद, संवाददाता। मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर (जलीय कृषि) के क्षेत्र को बढ़ावा देकर मछुआरों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में पहल हो रही है। योजना का उद्देश्य आधुनिक तकनीक और सरकारी सहयोग से मत्स्य उत्पादन को दोगुना करना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले। कम भू-जल वाले इलाकों में फार्म पॉन्ड मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा। इस मॉडल के जरिए सीमित जल संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मछली उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही केवल मछली पालन तक सीमित न रहकर सिंघाड़ा, कमल गट्टा और मखाना जैसी एक्वाकल्चर आधारित गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा। यह भी पढ़ें- मत्स्य विभाग की योजनाओं के लिए 28 तक करें आवेदनस्थायी विकास की आशा यह भी पढ़ें- अब मछली पालन के साथ ही मोती उत्पादन कर सकेंगे किसान यह भी पढ़ें...