मणिपुर हिंसा मामलों के लिए विशेष कोर्ट बनाने का प्रस्ताव
नई दिल्ली, जुलाई 24 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मणिपुर हिंसा से जुड़े आपराधिक मामलों की रोज़ाना सुनवाई के लिए विशेष अदालत बनाने का प्रस्ताव दिया। कोर्ट ने जांच एजेंसियों को लंबित जांच जल्द पूरी करने और यह पक्का करने का भी निर्देश दिया कि पीड़ितों को आरोप पत्र की कॉपी मिलें। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने इस बात पर ध्यान दिया कि कई पीड़ितों और उनके परिवारों को अभी तक सीबीआई और राज्य एसआईटी द्वारा दायर आरोप पत्र की कॉपी नहीं मिली हैं। अदालत ने कहा कि कानूनी सहायता वकील के संपर्क करने के एक हफ्ते में वकीलों को चार्जशीट उपलब्ध करानी होगी। शीर्ष अदालत ने कानूनी सहायता करने वाले वकील को निर्देश दिया कि वे तुरंत मणिपुर और गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय से संपर्क क...
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