नई दिल्ली, अगस्त 25 -- अगले साल की शुरुआत में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा को चार राज्यों में अपनी सरकार बरकरार रखने की चुनौती है। पार्टी अपनी सफलता के सिलसिले को बरकरार रखने के लिए लगातार जमीनी स्तर पर काम को महत्व दे रही है। केंद्रीय नेतृत्व संगठन स्तर पर फीडबैक भी हासिल करता रहता है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा के लिए बाकी दो राज्यों मणिपुर व गोवा से स्थिति बेहतर मानी जा रही है, फिर भी व्यापक तैयारियों पर पार्टी का जोर है। पंजाब में भी पार्टी को अपनी ताकत बढ़ने के आसार हैं। इसी को ध्यान में रखकर जमीनी स्तर पर काम किया जा रहा है।नई केंद्रीय टीम ने कामकाज संभालना शुरू किया भाजपा के संगठन की नई केंद्रीय टीम ने कामकाज संभालना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश के लिए तो संगठन प्रभारी भी तय हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार भाजप...