चित्रकूट, मार्च 4 -- चित्रकूट। संवाददाता भगवान राम की तपोभूमि धर्मनगरी चित्रकूट में चंद्रग्रहण को लेकर सूतककाल की शुरुआत होने से पहले प्रमुख मठ-मंदिरों में भगवान का पूजन कर आरती की गई। इसके बाद पट बंद कर दिए गए। भगवान कामदनाथ मंदिर के पट सुबह साढ़े बजे बंद होने के बाद शाम सात बजे खुले। इसके बाद विधि-विधान से भगवान की आरती हुई। दिन भर साधू-संतों से लेकर ज्यादातर लोगों ने उपवास भी रखा। मंगलवार को अपरान्ह साढ़े तीन बजे से चंद्रग्रहण की शुरुआत हुई। इसके नौ घंटे पहले सूतककाल लग गया। जिसकी वजह से सुबह साढ़े बजे तक ही मठ-मंदिरों में पूजा-अर्चना हुई। धर्मनगरी में कामदनाथ मंदिर प्रमुख द्वार, प्राचीन मुखारबिंद व तृतीय मुखारबिंद के साथ ही रामघाट स्थित मत्तगजेन्द्रनाथ समेत सभी मठ-मंदिरों में सूतककाल शुरु होने से पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पू...