सहारनपुर, जून 17 -- सहारनपुर। मुहर्रम की पहली तारीख पर बुधवार को शहर के विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन हुआ, जहां उलेमा ने हज़रत मुस्लिम अलैहिस्सलाम की शहादत का ज़िक्र करते हुए करबला के पैगाम पर रोशनी डाली। मजलिसों में अज़ादारों ने नौहाखानी और सीनाज़नी कर खिराज-ए-अकीदत पेश किया। मजलिसों का आगाज़ मरसिया खानी से हुआ। आसिफ अल्वी, सलीस हैदर काज़मी, हमज़ा ज़ैदी, सलीम आब्दी और ख्वाजा रईस अब्बास ने मरसिए पेश किए। पहली मजलिस इमामबाड़ा सामानियान, मोहल्ला कायस्थान में हुई, जिसे मौलाना हसन हैदर सादिकी ने खिताब किया। दूसरी मजलिस बड़ा इमामबाड़ा जाफर नवाज़ में हुई, जहां मौलाना सैय्यद तहकीक हुसैन ने बयान किया। यह भी पढ़ें- मुहर्रम केवल शोक का महीना नहीं बल्कि मानवता की देता है सीख तीसरी मजलिस छोटा इमामबाड़ा अंसारियान में हुई, जिसे मौलाना ज़हूर म...