आजमगढ़, जून 23 -- सरायमीर, हिन्दुस्तान संवाद। मोहर्रम की छठीं के मौके पर सोमवार को सरायमीर और आसपास के क्षेत्रों में अकीदत और एहतराम के साथ मजलिसों और मातमी जुलूसों का आयोजन किया गया। विभिन्न इमामबारहों और अजाखानों में बड़ी संख्या में अजादारों ने शिरकत कर शोहदाएं कर्बला को खिराजे अकीदत पेश की। सरायमीर में मजलिस को संबोधित करते हुए प्रतापगढ़ से आए मौलाना सैय्यद मुंतजिर मेहंदी ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन और उनके वफादार साथियों ने दीन-ए-इस्लाम की हिफाजत और इंसानियत की सर बलंदी के लिए अपनी जानों की कुर्बानी पेश की। उन्होंने कहा कि कर्बला का पैगाम हर दौर के इंसान को ज़ुल्म और नाइंसाफी के खिलाफ डटकर खड़े होने, सब्र, कुर्बानी और भाईचारे का सबक देता है। यह भी पढ़ें- शिया धर्म गुरुओं ने मजलिस में करबला पर डाला प्रकाश मीर हसन स्थित अजाखाना में होने वाली...