शामली, मई 1 -- मजदूर दिवस के मौके पर जिले के हजारों श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। मनरेगा के स्थान पर जीरामजी योजना लागू किए जाने की प्रक्रिया के बीच पुराने कामों को समेटा जा रहा है, जबकि नई योजना को लेकर अब तक स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। ऐसे में मजदूरों को न तो पुराने काम मिल रहे हैं और न ही नए कार्य शुरू हो पा रहे हैं। इसके अलावा शहर में विभिन्न स्थानों पर सुबह को काम की तलाश में विभिन्न गांवों के मजदूर एकत्रित होते है लेकिन इनमें से आधे से अधिक को काम न मिलने के कारण वापस लौटना पडता है। हर साल 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया जा रहा है। जहां श्रमिकों के हित के लिए चलाई जा रही विभाग की कल्याणकारी योजनाओं में भी श्रमिकों को काम नही मिल पाने की वजह से काम की तलाश में शहरों की दौड लगानी पड रही है। वही ग्रामी...
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