मुरादाबाद, जनवरी 22 -- नेशनल एकेडमी फॉर सोशल मूवमेंट और नागरिक एकता परिषद की ओर से मजदूर पाठशाला का आयोजन किया गया। गुरुवार को ह्यूमन राइट डिफेंडर प्रेम कुमार ने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए श्रम पंजीकरण और पहचान पत्र बनाने पर जोर दिया। कहा कि सबसे पहले श्रम विभाग में पंजीकरण करवाकर औपचारिक पहचान बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने 44 प्रमुख श्रम कानूनों को प्रभावी ढंग से बहाल करने की मांग की। मनरेगा योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनरेगा के नाम पर ही इसे ठीक से चलाया जाए। मजदूर जब काम की मांग करें तो उन्हें काम उपलब्ध कराया जाए। साथ ही काम के घंटों को 12 से घटाकर 8 घंटे प्रतिदिन करने की व्यवस्था बहाल की जाए। इस बीच मांग उठाई गई कि सरकार इन सभी श्रमिको को 5 हजार रुपये महीना श्रमिक सम्मान निधि मज़दूर के खाते में भेजना शुरू करे। इस मौके...