गोंडा, जुलाई 29 -- उमरी बेगमगंज (गोंडा)। सरयू नदी के किनारे मगरमच्छ के जानलेवा हमले से बहादुरी के साथ बचाए गए व्यक्ति भानु की आखिरकार मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित उपचार न मिलने और चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उसके घायल पैर में संक्रमण (सेप्टिसीमिया) फैल गया, जिसने उसकी जान ले ली। भानु की मौत ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जाता है कि गत 24 जून को सोनौली स्थित सरयू नदी के तट पर भानु पुत्र रघुनाथ चौहान निवासी निश्चिंत पुरवा सोनौली मोहम्मदपुर बाढ़ राहत कार्य के लिए बनाए जा रहे पक्के स्पर को देखने गया था। यह भी पढ़ें- Gorakhpur News: रोहिन नदी में मगरमच्छ ने भैंस को बनाया शिकार, ग्रामीण में डर इसी दौरान नदी में छिपे मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसके पैर को अपने जबड़ों में दबोचकर नदी क...