गया, फरवरी 3 -- मगध विश्वविद्यालय एक दशक से राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) में प्राप्त सी ग्रेड से आगे बढ़ने की जद्दोजहद में जुटा हुआ है। लेकिन, अब तक विश्वविद्यालय को नैक ग्रेड में अपेक्षित सुधार हासिल नहीं हो सका है। इस अवधि में विश्वविद्यालय को कई कुलपतियों का नेतृत्व मिला और हर कार्यकाल में नैक मूल्यांकन को लेकर अलग-अलग स्तर पर तैयारियां होती रही है। लेकिन, पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पायी है। वर्ष 2015 में तत्कालीन कुलपति मो. इस्तेयाक के कार्यकाल में व्यापक स्तर पर तैयारियों के साथ नैक मूल्यांकन संपन्न हुआ था। इस दौरान पर्याप्त वित्तीय संसाधनों का भी उपयोग किया गया। लेकिन, मूल्यांकन के बाद विश्वविद्यालय को सी ग्रेड मिलने से शैक्षणिक समुदाय में निराशा व्याप्त रही। इसके बाद से ही नैक ग्रेड सुधार को लेकर...