सहरसा, मार्च 30 -- सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में इस बार भी बडे़ पैमाने पर किसानों द्वारा मखाना की खेती की जा रही है। सरकार द्वारा मखाना के अधिकाधिक उत्पादन और किसानों को लाभ पहुंचाये जाने के उद्देश्य से मखाना बोर्ड का गठन किया गया है। खासकर सहरसा जिला को एक जिला एक उत्पाद भी घोषित किया गया है। कृषि विभाग के सहयोग से किसान अब पारंपरिक खेती छोड़ मखाना की खेती से बेहतर मुनाफा कमाने में जुट गए हैं। लेकिन मखाना किसानों का कहना है कि मखाना बोर्ड बनने से अनुदान की राशि घट गई है। जिला उद्यान विभाग से मिली जानकारी अनुसार मखाना बोर्ड द्वारा जिले में इस वर्ष 80 हेक्टेयर लगभग 2 सौ एकड़ जमीन मखाना उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसान अधिकाधिक मखाना की खेती करें इसके लिए चयनित किसानों को प्रोत्साहन के तौर पर अनुदान दी जाती है। मखाना ब...