पूर्णिया, मई 10 -- मीरगंज, एक संवाददाता।धमदाहा प्रखंड अंतर्गत मीरगंज क्षेत्र के रंगपूरा, मिल्की सहित आसपास के इलाकों में मखाना की खेती किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का नया आधार बनती जा रही है। आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पद्धति और किसानों की बढ़ती जागरूकता ने इस खेती की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। पहले सीमित दायरे में होने वाली मखाना खेती अब तालाबों के साथ-साथ खेतों में भी बड़े पैमाने पर की जा रही है, जिससे किसानों की आमदनी में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। क्षेत्र के किसान महेंद्र महालदार बताते हैं कि वे करीब दस एकड़ भूमि पर मखाना की खेती कर रहे हैं। एक एकड़ में लगभग 60 हजार रुपये तक लागत आती है, जिसमें खेती और लीज दोनों का खर्च शामिल रहता है। इसके बदले प्रति एकड़ सात से आठ क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त होता है। वर्तमान में बाजार में मखाना 20 हजार से ...