बिहारशरीफ, अप्रैल 13 -- धरती पुत्रों की व्यथा - 03 मक्का : क्विंटल में 3 सौ रुपए दाम कम, प्रति एकड़ 17 सौ लागत बढ़ी सरकारी दर पर नहीं होती है खरीद, व्यापारी करते हैं अपनी मनमर्जी एक एकड़ में 26 रुपये की लागत, मेहनत के बाद 31 हजार की होती है बचत खुले बाजार में पिछले साल 2100 बिकने वाला मक्का इस बार 1800 में खरीद रहे व्यापारी महंगे खाद, बीज व कीटनाशक से पस्त हो रहे किसानों के हौसले इथेनॉल फक्ट्रियों में मक्के की मांग कम होने से उचित दाम नहीं मिल रहा बाजार में उपज की मांग कम होने के कारण कई किसानों ने छोड़ी मक्के की खेती फोटो मक्का खेती : नूरसराय के पास खेत में लहलहात मक्के की फसल। यह भी पढ़ें- लाभ की खेती मक्का को घोड़पड़ास और जंगली सुअर का खतरा बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। कभी नकदी फसल के रूप में किसानों की पहली पसंद रहा मक्का अब घाटे का...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.