नई दिल्ली, मार्च 17 -- नई दिल्ली, का.सं.। साकेत जिला अदालत ने संगठित अपराध से जुड़े मामले में बस चालक को राहत देने से इनकार कर दिया है। मकोका के तहत दर्ज मामले में आरोपी रियाजुद्दीन की अग्रिम जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सोनू अग्निहोत्री की अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि मकोका के तहत जमानत के लिए प्रथम दृष्टया यह आवश्यक है कि आरोपी निर्दोष है और जमानत मिलने पर दोबारा अपराध नहीं करेगा। लेकिन मामले में उपलब्ध सामग्री और सह-आरोपियों के बयानों से आरोपी की भूमिका सामने आती है, जिसे इस स्तर पर खारिज नहीं किया जा सकता। बचाव पक्ष ने दलील दी कि रियाजुद्दीन को झूठा फंसाया गया है। आरोपी ने वर्ष 2022 में एएसआई और कांस्टेबल के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। 2025 में एक और एसआई के खिलाफ भी शिकायत दर्ज ...