लखनऊ, अप्रैल 3 -- Lucknow High Court: हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गलत जानकारी व फर्जी दस्तावेजों के जरिए भवन मानचित्र स्वीकृत कराने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी ने गलत जानकारी देकर नक्शा पास कराया है, तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई अनिवार्य है और ऐसी स्वीकृति को निरस्त किया जा सकता है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने प्रतापगढ़ निवासी वंदना सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि विपक्षी सबीरा खातून ने भूमि की वास्तविक सीमाओं को छिपाकर और गलत विवरण देकर भवन निर्माण की अनुमति प्राप्त की थी। मामले की जांच में सामने आया कि स्वीकृत नक्शों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। यहां तक कि नक्शे में दिखाए गए रास्ते और मार्ग स्थल पर मौजूद ही नहीं पाए ग...