नई दिल्ली, मार्च 28 -- देशभर में लाखों-करोड़ों लोग अतिरिक्त आय के लिए अपना मकान किराए पर उठाते हैं। कई बार किराएदार जल्दी मकान छोड़ने के लिए राजी नहीं होता है, तो कई बार मकान मालिक के सामने कुछ नया संकट पैदा कर देता है। एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने किराएदार को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, किराएदार ने मकान किराए पर लिया था, जिसके बाद उसने दावा किया कि वह वहां पर नहीं, बल्कि उसकी पत्नी रह रही है और उसने ताला जड़ दिया है। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में दो टूक कहा कि किराएदार यह दावा करके कानूनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता है कि वह खुद किराए वाली जगह पर नहीं रह रहा। कोर्ट ने कहा कि परिवार के सदस्य का भी वहां पर रहना किराएदार का ही उस पर कब्जा किया जाना माना जाएगा। लाइव लॉ के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट की जज नीना बंसल ने कहा, ''जब भी कोई सदस्य अपने...
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