बागेश्वर, जून 27 -- देवेंद्र पांडे, कांडा। कांडा तहसील के औलानी गांव में आवासीय मकानों के लिए खतरा बने पेड़ों के कटान की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की ओर से खतरनाक घोषित किए गए पेड़ों का आज तक कटान नहीं किया गया है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण भास्कर पंत ने बताया कि मार्च-अप्रैल 2024 में वन विभाग ने गांव में खतरनाक पेड़ों का छपान किया था। इसके बाद सितंबर-अक्टूबर 2025 में वन विकास निगम के ठेकेदार ने केवल दो टुन के पेड़ों का कटान किया, जबकि मकानों के लिए खतरा बने तीन बांज और आम के पेड़ों की लॉपिंग नहीं की गई। ठेकेदार ने शेष कार्य जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह दोबारा नहीं लौटा।

ग्रामीणों की चिंताएं ग्रामीणों का कहना है कि हाल की आपदा घटनाओं के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है। ज...