बागपत, जनवरी 11 -- मकर संक्रांति त्योहार पर इस बार 22 वर्ष बाद एकादशी का शुभ संयोग बन रहा है। संक्राति और एकादशी एक दिन होने के कारण इसे अध्यात्मिक रूप अक्षय फल देने वाला माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। जिसे उत्तरायण की शुरुआत माना जाता है। वहीं एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है जो मोक्ष और पापों के नाश करने वाली मानी जाती है। इस संक्रति 14 की दोपहर को लगेगी, जो 15 जनवरी तक रहेगी। इसलिए उदयातिथि मे जो तिथि होती है, उस दिन भी पर्व मनाया जाता है। ज्योतिषाचार्य पंड़ित गौरीशंकर शर्मा ने बताया कि सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में 14 जनवरी को दोपहर तीन बजकर सात मिनट पर प्रवेश करेंगे। इसलिए त्योहार इसी दिन मनाना उचित रहेगा। महापुण्य काल दोपहर को तीन बजकर सात मिनट से शाम छह बज...