हल्द्वानी, जनवरी 10 -- हल्द्वानी, संवाददाता। मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास होने जा रहा है। माघ कृष्ण पक्ष की एकादशी और मकर संक्रांति का एक साथ होना एक दुर्लभ संयोग बना रहा है। ज्योतिष अशोक वार्ष्णेय के अनुसार, 14 जनवरी को दोपहर 3:13 बजे सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से विराजमान शनि देव के साथ उनका पिता-पुत्र मिलन होगा। महापुण्य काल दोपहर 3:13 से शाम 4:58 बजे तक रहेगा और पुण्य काल दोपहर 3:13 से शाम 5:48 बजे तक रहेगा। ज्योतिष ने बताया कि सूर्य के उत्तरायण होते ही खरमास समाप्त हो जाएगा, लेकिन शुक्रास्त होने के कारण विवाह के मुख्य मुहूर्त 4 फरवरी से शुरू होंगे। हालांकि, गुरु उदय की स्थिति में 20, 23, 25 और 28 जनवरी को विवाह लग्न बन रहे हैं, जिन्हें ज्योतिष शास्त्र में आपातकालीन विवा...