भभुआ, जनवरी 15 -- भगवानपुर। मकर संक्रांति का दूसरा नाम खिचड़ी है। इस पर्व पर ग्रह से मुक्ति के लोग खिचड़ी खाते हैं। अलियार साह ने बताया कि हमलोग बचपन से ही हनुमान घाट के मेला को खिचड़ी मेला कहते आ रहे हैं। क्योंकि मकर संक्रांति को खिचड़ी पर्व कहा जाता है। मकर संक्रांति इसलिए कहते हैं कि क्योंकि इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होकर मकर रेखा को पार करते हैं। सोल्लासपूर्ण वातावरण में मनी मकर संक्रांति रामपुर। प्रखंड क्षेत्र में मकर संक्रांति का पर्व सोल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। श्रद्धालुओं ने सरोवरों में स्नान करने के बाद दान-पुण्य किया। मंदिरों व घरों में पूजा करने के बाद दही, चूड़ा, गुड़, तिलकुट, ढूंढा ग्रहण किया। इस पर्व पर पर तिल का दान करने व खिचड़ी खाने की परंपरा है। कोई दोपहर में तो कोई रात्रि पहर खिचड़ी खाता है। मकर संक्रांति के बा...