कानपुर, मई 9 -- कानपुर। मई का मौसमी उतार-चढ़ाव इस बार सेहत पर भारी पड़ रहा है। सुबह हल्की ठंड, दोपहर में तेज धूप और शाम को अचानक ठंडी हवा शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर रहा है। हालत यह है कि सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में हर तीसरा मरीज वायरल, बुखार, गले के संक्रमण, एलर्जी और थकावट जैसी शिकायतों के साथ पहुंच रहा है। हैलट, उर्सला, कांशीराम जैसे सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में पिछले एक सप्ताह में मरीजों की संख्या करीब 20 फीसदी तक बढ़ी है। इनमें 60 फीसदी ऐसे मरीज हैं जो फील्ड वर्क से जुड़े हैं। डॉक्टरों के अनुसार, दिन में तेज धूप और पसीने के बाद लोग सीधे एसी या ठंडे कमरे में चले जाते हैं, फिर बाहर निकलते ही गर्म हवा लगती है। शरीर इस अचानक बदलाव के साथ तालमेल नहीं बैठा पाता और इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है। इसका असर बच्चों और बुजुर्गों पर ज्...