मंहगाई ने थामी हथकरघों की रफ्तार, बुनकरों के सामने रोजगार की चुनौती
सीतापुर, अगस्त 4 -- सीतापुर, संवाददाता। जिले में ओडीओपी के तहत चयनित दरी उद्योग से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी है। गांव-गांव में हथकरघों की खटखटाहट सुनाई देती थी, लेकिन आज यह पारंपरिक उद्योग बाजार, बढ़ती लागत, बिचौलियों, बिजली, मशीनों की प्रतिस्पर्धा और नई पीढ़ी की बेरुखी जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। सरकारी योजनाओं के बावजूद सवाल यह है कि बुनकरों के घरों में करघे वास्तव में चल रहे हैं या यह उद्योग सिर्फ सरकारी आंकड़ों तक सीमित होकर रह गया है।
दरी उद्योग की वर्तमान स्थिति जिला उद्योग केंद्र और हथकरघा विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में ओडीओपी के तहत आने वाले दरी उद्योग के तहत 500 इकाईयां पंजीकृत हैं। जिसमें 06 बड़ी, 50 मध्यम और करीब 450 छोटी इकांइयां और 38 हजार बुनकर शामिल हैं। इसके अलावा जिले में 10 दरी निर्यातक भी हैं। बावजूद इस...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.