फर्रुखाबाद कन्नौज, मार्च 16 -- फर्रुखाबाद, संवाददाता। मंदी की मार को सह रहे किसानों ने आखिरकार अब अपना मूड बदल दिया है। किसान मंडियों में आलू बेचने की अपेक्षा शीतगृहों में आलू भंडारित करने में रुचि दिखा रहे हैं। इसी का असर है कि जनपद के शीतगृहों में भंडारण क्षमता का 75 फीसदी आलू भर चुका है। कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारित करने के लिए ट्रैक्टर ट्रालियों से किसान पहुंच रहे हैं। इससे कोल्ड स्टोरेज में ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइनें लगी हैं। जनपद मे इस बार आलू किसानों की कमर टूटकर रह गयी। शुरुआत से ही आलू के भाव ने झटका दिया और अभी भी आलू माटी मोल ही बिक रहा है। ऐसे में किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है। कई किसानों ने तो जनपद में खेतों में ही आलू को जोत दिया है। अगैती और पिछैती आलू किसी ने भी किसानों का साथ नहीं दिया है। इसी का परिणाम है कि ...